'तंत्र साधना' ऐप द्वारा माँ काली के चित्र

माँ काली के चित्रों की एक दिव्य दीर्घा का अन्वेषण करें, जो शक्ति, संरक्षण तथा दुष्टता पर सत्य की विजय का प्रतीकत्व करती है।

माँ काली के स्वरूप

शाक्त ग्रंथों में माँ काली के अनेक प्रसिद्ध तथा अल्पज्ञात स्वरूपों का वर्णन प्राप्त होता है। यहाँ हम यह स्पष्ट करते हैं कि कौन-से स्वरूप व्यापक रूप से पूजित हैं और कौन से अपेक्षाकृत कम परिचित।

महाकाली रूपिणी देवी काली, अनेक मस्तकों और भुजाओं सहित, त्रिशूल तथा खड्ग आदि विविध आयुधों को धारण की हुईं, हरित तृणभूमि पर स्थित।

महाकाली

संस्कृत में 'महा' का अर्थ महान होता है। महाकाल... अधिक पढ़ें

भद्रकाली रूपिणी देवी काली, चतुर्भुजा, खड्ग, धनुष-बाण, छिन्न मस्तक और पात्र धारण की हुईं, पृष्ठभूमि में अन्धकारमय गुहा सहित।

भद्रकाली

संस्कृत शब्द 'भद्र' का अर्थ मंगलकारी तथा कल्या... अधिक पढ़ें

चतुर्भुजा दक्षिणा काली, खड्ग और छिन्न मस्तक धारण की हुईं, तथा अभय और वरद मुद्राओं का प्रदर्शन करती हुई, भगवान शिव पर स्थित।

दक्षिणकाली

संस्कृत में भी 'दक्षिण' का अर्थ दक्षिण दिशा हो... अधिक पढ़ें

चतुर्भुजा आद्या काली, श्मशान भूमि में, भगवान शिव के ऊपर स्थित, जो एक विशाल कमल पर स्थापित चिताग्नि पर शयन कर रहे हैं।

आद्या काली

संस्कृत में 'आद्या' का अर्थ प्रथम अथवा मूल होत... अधिक पढ़ें

दशभुजा श्मशान काली, विविध आयुध धारण की हुईं, प्रज्वलित श्मशान में भगवान शिव के ऊपर स्थित, मानव कपालों और अस्थियों के साथ।

श्मशान काली

'श्मशान' संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ दाहभूम... अधिक पढ़ें

विस्तृत, बहु-मस्तक, बहु-भुजा, ज्वलन्त गुह्य काली, अपने देवपरिवार से परिवेष्टित, असंख्य आयुध धारण की हुईं, आक्रामक भाव में।

गुह्य काली

संस्कृत में 'गुह्य' का अर्थ गुप्त होता है, जो... अधिक पढ़ें

द्वादशभुजा, बहु-मस्तक कुब्जिका काली रूपिणी देवी काली, पद्मासन में एक शव पर उपविष्ट, चिताग्नि के समान प्रज्वलन्त।

कुब्जिका काली

संस्कृत शब्द 'कुब्जिका' का अर्थ वक्र अथवा मुड़... अधिक पढ़ें

सृष्टि काली, असंख्य भुजाओं सहित, उज्ज्वल रक्ताभ-केसरवर्ण प्रभामण्डल से युक्त, एक सिंह पर उपविष्ट, जो एक शव पर स्थित है।

सृष्टि काली

सृष्टि काली का वर्णन त्रिका अथवा कश्मीरी शैव प... अधिक पढ़ें

संहार काली रूपिणी देवी काली, दशभुजा, चक्र, कृपाण और खड्ग आदि आयुधों को धारण की हुईं, रक्ताभ धूम्र से आलोकित पृष्ठभूमि सहित।

संहार काली

चूँकि 'संहार' का अर्थ विनाश होता है, इसलिए यह... अधिक पढ़ें

चतुर्भुजा कृष्ण काली, मुंडमाला तथा लोल जिह्वा सहित, पीताम्बर और मयूरपिच्छ के साथ संयुक्त, मैदान में गोपियों से परिवेष्टित।

कृष्ण काली

भगवान कृष्ण का वर्ण काली माँ के समान श्याम है।... अधिक पढ़ें

रचनात्मक माँ काली छायाचित्र संग्रह

हिंदू देवी माँ काली के ये ए.आई. द्वारा निर्मित दृश्य शाश्वत जगन्माता की पुनर्कल्पना प्रस्तुत करते हैं, जिनमें शास्त्रीय भाव और आधुनिक कला का निर्भीक, रचनात्मक संयोजन दिखाई देता है।

ये उनके विविध भावों का अन्वेषण करते हैं — शांत से लेकर उग्र तक — और दिव्य स्त्री-तत्त्व के शाश्वत स्पंदन को साकार करते हैं।

देवी काली का एक मुखचित्र, लोल जिह्वा और त्रिनेत्र सहित — तृतीय, ऊर्ध्वस्थित नेत्र पीत प्रकाश का विकिरण करता हुआ।

माँ काली का यह मुख-चित्र उनके तृतीय नेत्र पर ध... अधिक पढ़ें

देवी काली का मुखचित्र, लोल जिह्वा और त्रिनेत्र सहित — तृतीय, ऊर्ध्व नेत्र उनके ललाट पर अंकित त्रिपुण्ड्र तिलक पर उपरिशायी।

यहाँ हम देवी काली के तृतीय नेत्र को त्रिपुण्ड्... अधिक पढ़ें

देवी काली का एक मुखचित्र, लोल जिह्वा और त्रिनेत्र सहित — तृतीय, ऊर्ध्वस्थित नेत्र नील प्रकाश का उत्सर्जन करता हुआ।

यह समीप-दृश्य देवी काली के प्रज्वलित तृतीय नेत... अधिक पढ़ें

देवी काली का मुखचित्र, लोल जिह्वा और त्रिनेत्र सहित, उनके दोनों क्षैतिज नेत्रों के मध्य एक दीप्तिमान पीत प्रकाश-बिन्दु सहित।

लोल जिह्वा सहित काली माता के प्रसिद्ध मुख का ए... अधिक पढ़ें

षट्भुजा देवी काली की छायाकृति, दीप्त रक्तवर्ण नेत्रों और लोल जिह्वा सहित, त्रिशूल, खड्ग और छिन्न मस्तक धारण की हुईं।

एक आकर्षक, सम्मोहक चित्ररूप, जो महाविद्या काली... अधिक पढ़ें

देवी काली का मुखचित्र, लोल जिह्वा और त्रिनेत्र सहित — तृतीय नेत्र उज्ज्वल और प्रकाशित। माँ का शिर और कण्ठ कपालों से भूषित।

माँ काली के इस मुख-चित्र में हम उनके मस्तक और... अधिक पढ़ें

देवी काली का मुखचित्र, लोल जिह्वा और त्रिनेत्र सहित — तृतीय, ऊर्ध्व नेत्र पीत रेखांकन सहित, प्रकाश का उत्सर्जन करता हुआ।

जगन्माता के रूप में देवी काली का एक अन्य स्वरू... अधिक पढ़ें

चतुर्भुजा माँ काली का ऊर्ध्वांग, लोल जिह्वा सहित, जो एक ऊर्ध्व ज्वाला द्वारा विस्तारित प्रतीत होती है। मुकुट भी ज्वलन्त।

यह मनोहर दृश्य काली माँ के श्याम वर्ण और चतुर्... अधिक पढ़ें